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42.65 लाख की जमीन फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी अनिल शुक्ला, संतोष अग्रवाल और संजय सिंह ठाकुर के खिलाफ अपराध दर्ज, प्रार्थी पी.राजू ने प्रेसवार्ता लेकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग किया

भिलाई। मंगलवार को पत्रकार वार्ता में पीड़ित पी.राजू पिता पी.वेंकट राव निवासी सेक्टर-4 ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी देते हुए अपराधियो की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

पी.राजू ने बताया कि जिस जमीन का राजस्व अभिलेख में कहीं रिकार्ड नहीं है, उसे दिखाकर तीन लोगों ने सौदा तय कर बेच दिया। इतना ही नहीं बकायदा उस जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई। प्रमाणीकरण के लिए आवेदन पर इस धोखाधड़ी का पता चला। मामले में प्रार्थी की शिकायत पर सुपेला थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से जमीन बेचने वाले तीनों आरोपियों अनिल शुक्ला, संतोष अग्रवाल एवं संजय सिंह के खिलाफ अपराध कायम कर लिया है।

पी. राजू ने बताया कि उनकी शिकायत पर जमीन फर्जीवाड़ा मामले में अनिल शुक्ला निवासी विधा विहार कालोनी नेहरु नगर भिलाई, संतोष अग्रवाल निवासी उत्तर वसुंधरा नगर भिलाई-3 तथा संजय सिंह ठाकुर निवासी बजरंग पारा कोहका के खिलाफ सुपेला थाने में धारा 420, 34 के तहत अपराध कायम किया गया है।

पी. राजू के मुताबिक आफिस खोलने के लिए अच्छी जमीन की तलाश कर रहे थे। इसी सिलसिले में अनिल शुक्ला, संतोष अग्रवाल और संजय सिंह ठाकुर से मिलने पर उन्होंने कातुलबोर्ड क्र. 60 में मुख्य मार्ग पर स्थित 1872 वर्गफीट जमीन को खसरा नंबर 144/82 के रुप में दिखाया। जमीन पसंद आने पर सौदा तय किया गया है। 42,65000 रुपए लेकर जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई।

रजिस्ट्री होने के बाद प्रमाणीकरण के आवेदन पर पटवारी टीकमचंद सोनी के द्वारा राजस्व अभिलेख में क्रय की गई जमीन का कहीं रिकार्ड नहीं होने का हवाला देकर कार्रवाई करने से इंकार कर दिया गया। इसका पता चलने पर तीनों आरोपियों ने पहले तो पैसा वापस करना का भरोसा देकर पुलिस में शिकायत नहीं करने का आग्रह किया फिर बाद में डराने-धमकाने लगे। जमीन खरीदने के लिए बैंक से ऋण लिया गया है उसका किश्त भरना पड़ रहा है।

पहले 31 मार्च को पैसा वापसी का तारीख दिया गया फिर फोन न उठाने, फोन काट देने काफी घूमाने के बाद दोबारा 30 जुलाई को सेंट्रल बैंख आफ इंडिया चेक क्र. 062013 दिया गया और फिर पैसा आनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाएगा बोलकर चेक वापस ले लिया गया। 02 अगस्त तक पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ।

उन्होंने बताया कि  जमीन की खरीदी-बिक्री की पूरी प्रक्रिया अनिल शुक्ला के माध्यम से हुई। अनिल शुक्ला शिक्षक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। बाद में संजय सिंह ठाकुर, व भाजपा नेता संतोष अग्रवाल इस प्रकरण में जुड़ गए।

पी.राजू ने बताया कि इस पूरे मामले में पटवारी टीकमचंद सोनी की भूमिका संदिग्ध है। जमीन की रजिस्ट्री होने के पहले पटवारी टीकमचंद सोनी द्वारा मौके पर उस जमीन की उपलब्धता नही होने की जानकारी दे दी जाती तो धोखाधड़ी का मामला यह मामला पेश नही आ पाता। उनकी मांग है कि पटवारी टीकमचंद सोनी की भूमिका की जांच के साथ तीनो आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र सुनिश्चित किया जाये। यहां देखे वीडियो👇

 

 

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