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आज है गुरु पूर्णिमा: आज ही के दिन हुआ था महर्षि वेदव्यास का जन्म, गुरु पूजन की सदियों से चली आ रही परंपरा, जाने कितने बजे लग रही पूर्णिमा तिथि

नईदिल्ली (ए)। अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले को गुरु कहा जाता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ। उन्होंने चारों वेदों का ज्ञान दिया और सभी 18 पुराणों की रचना की। इस दिन गुरु पूजा की जाती है। महर्षि व्यास को आदिगुरु कहा जाता है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से जाना जाता है। भक्तिकाल के संत घीसादास का जन्म भी इसी दिन हुआ। वह कबीरदास के शिष्य थे।

आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस दिन से चार माह तक साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं। इसलिए यह चार माह अध्ययन के लिए उपयुक्त माने गए हैं। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने के साथ भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना करें। सत्यनारायण कथा का पाठ या श्रवण करें। इस दिन हर व्यक्ति को अपने गुरु की पूजा करनी चाहिए। इस तिथि को गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजा से सौ यज्ञ के बराबर फल प्राप्त होता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के मंत्र का जाप करें। श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। गुरु पूर्णिमा के दिन खीर का भोग लगाने और दान करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है।

जानें आज कितने बजे से लगी है पूर्णिमा तिथि

आज है व्यास पूर्णिमा, कोकिला पूर्णिमा। आज सत्यनारायण व्रत रखा जाएगा। आज पूर्णिमा तिथि सुबह 10.44 मिनट पर शुरू हो रही है। 24 जुलाई की सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक रहेगी।

24 जुलाई को पूर्णिमा की तिथि में सूर्य उदय होंगे, इसलिए उदया तिथि  के कारण यह 24 जुलाई, शनिवार को पूर्णिमा मनाई जाएगी। सूर्य दक्षिणायन, सूर्य उत्तर गोल, आज सुबह 10.30 बजे से 12.00 बजे तक राहुकाल रहेगा।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। 

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