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Tokyo Olympics 2020: दिहाड़ी मजदूरी करने वाले का बेटा ओलंपिक में लहराएगा परचम, PM मोदी को बतायी संघर्ष की कहानी

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) जा रहे भारतीय खिलाड़ियों से मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। इस दौरान मोदी ने खिलाड़ियों के संघर्ष की कहानी जाना। पीएम ने खिलाड़ियों के माता और पिता से भी बात की।

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने ओलंपिक में तीरंदाजी दल का हिस्सा महाराष्ट्र सतारा के रहने वाले प्रवीण जाधव के साथ बातचीत की। पीएम ने प्रवीन से पूछा की जब उन्होंने ट्रेनिंग एथलीट की ली, तो तीरंदाजी में कैसे आ गये. इसके जवाब में प्रवीन ने बताया कि वो सरकारी एकेडमी में एथलिट की ट्रेनिंग कर रहे थे, लेकिन कोच ने उन्हें किसी अन्य खेल में जाने की सलाह दी और फिर बाद में उन्हें तीरंदाजी दी गयी. फिर उसी में उन्होंने अपना कैरियर शुरू किया।

पीएम मोदी ने भारतीय तीरंदाज से पूछा कि इस स्थिति में आपने खेल में कॉन्फिडेंस और परफेक्शन कैसे लाए? प्रवीन ने बताया, उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. उन्हें यह पता था कि अगर घर लौटे तो उन्हें भी दिहाड़ी मजदूरी करनी होगी. वैसे में उन्होंने एकेडमी में रहकर अपने खेल पर फोकस करने का फैसला किया।

पीएम मोदी ने आगे कहा, उन्हें उनके संघर्ष कर कहानी मालूम है. पीएम ने कहा, आपके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे, लेकिन आज आप देश की अगुआई कर रहे हैं. आपने जीवन में काफी संघर्ष किया, लेकिन लक्ष्य का आपने आंखों से हटने नहीं दिया. इसपर प्रवीन ने कहा, अगर मैं यहां हार मान जाऊंगा तो सब खत्म हो जाएगा. इसलिए मैंने मन में ठाना की और ज्यादा मेहनत कर इसी में आगे बढ़ा जाए।

इसपर पीएम ने कहा, आप चैंपियन हैं और माता-पिता भी चैंपियन हैं. प्रधानमंत्री ने प्रवीन के माता-पिता की तारीफ करते हुए कहा, आपने दिखा दिया कि मेहनत और इमानदारी की ताकत क्या होती है।

गौरतलब है कि जाधव ने पहली बार बैंकाक में 2016 एशिया कप स्टेज 1 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. जहां उन्होंने पुरुषों की रिकर्व टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता. उसके बाद 2019 विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में जाधव भारतीय टीम के सदस्य थे. 2005 के बाद से फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली देश की पहली पुरुष रिकर्व टीम बनी।

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