नईदिल्ली (ए)। मंत्रिपरिषद का विस्तार होने और नये मंत्रियों के कार्यभार संभालने के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को कामकाज का मंत्र दिया। इस बैठक को लेकर न्यूज एजेंसी ‘PTI’ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि जो अब इसका हिस्सा नहीं हैं उन्होंने काफी योगदान दिया है और नए लोग उनसे सीख सकते हैं। पीएम मोदी ने मंत्रियों से समय पर कार्यालय पहुंचने और अपनी सारी ऊर्जा को मंत्रालय के काम में लगाने के लिए कहा। यह भी बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने नए मंत्रियों को अनावश्यक बयानबाजी से बचने की सलाह दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के बढ़ते केसों पर अपनी चिंता भी जाहिर की। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश पूरी मजबूती के साथ जंग लड़ रहा है। इसलिए असावधानी की कोई जगह नहीं है। मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी भीड़-भाड़ वाली जगहों और बिना मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग के घूम रहे लोगों की तस्वीरें और वीडियो देख रहे हैं। यह सुखद नजारा नहीं है। इससे हममें डरना चाहिए। ऐसे समय में लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एक गलती के दूरगामी प्रभाव होंगे और कोरोना महामारी पर काबू पाने की लड़ाई कमजोर होगी।
इससे पहले हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में फैसले लिए गए और कोविड-19 की तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य पैकेज का एलान किया गया था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी दी कि कैबिनेट ने फैसला लिया है कि मंडियों के जरिए किसानों तक एक लाख करोड़ रुपये पहुंचाए जाएंगे। तोमर ने बताया कि किसान समूहों को दो करोड़ रुपये का ऋण मिलेगा। मंडियां इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का इस्तेमाल कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि फैसला लिया गया है कि एक लाख करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल एपीएमसी कर सकेंगी। एपीएमसी (कृषि उत्पाद बाजार समिति) मंडियों को मजबूत किया जाएगा और संसाधन प्रदान किए जाएंगे।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हेल्थ इमरजेंसी (स्वास्थ्य आपातकाल) के लिए 23 हजार करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक के बाद हुई प्रेसवार्ता में मौजूद रहे नए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।















