रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 17 से 19 मई तक तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनका मुख्य फोकस सुरक्षा व्यवस्था, बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा, जनसुविधाओं के विस्तार और मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर रहेगा। रायपुर और बस्तर संभाग में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह 17 मई की शाम अहमदाबाद से विशेष विमान द्वारा रवाना होकर रात करीब 8:10 बजे रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचें, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे मेफेयर रिसॉर्ट गए, जहां रात्रि विश्राम करेंगे। दौरे को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।
18 मई की सुबह केंद्रीय गृहमंत्री रायपुर के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में डायल-112 सेवा के लिए शामिल 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। राज्य सरकार इसे पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने की बड़ी पहल मान रही है। अब तक यह सेवा 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन नई व्यवस्था के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि डायल-112 सेवा को प्रदेश के सभी थानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता और अधिक तेज व प्रभावी हो सके।
दौरे के दौरान प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक यूनिट्स भी रवाना की जाएंगी। इन वाहनों में आधुनिक जांच उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। इससे अपराध जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।
रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह विशेष विमान से जगदलपुर रवाना होंगे। वहां से बीएसएफ हेलीकॉप्टर के जरिए वे बस्तर जिले के नेतानार पहुंचेंगे। नेतानार में जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा, जिसे स्थानीय ग्रामीणों तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नेतानार कार्यक्रम के बाद अमित शाह जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। इस कार्यक्रम को सुरक्षा बलों के मनोबल से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
जगदलपुर में अमित शाह अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। बादल एकेडमी में आयोजित इस चर्चा में बस्तर के विकास कार्यों, सुरक्षा अभियानों और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और पुनर्वास से जुड़े विषयों पर प्रेजेंटेशन भी दिए जाएंगे।
















